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VIKASH JHA A MANGO MAN FROM BIHAR....!

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VIKASH JHA


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KYA RAMDEV BABA V KUTNITI SIKH RHE HEY ?

Posted On: 13 May, 2012  
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BEBAS HINDU…..YA…SATTA KE LOBHI HIND??

Posted On: 21 Dec, 2011  
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KYO JAN DE HUMARE JAWAN..??

Posted On: 18 Dec, 2011  
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AAJ KA RAMAYAN…!

Posted On: 9 Jun, 2011  
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SAMPRADAIKTA OUR BHRASTACHAR खा जाएगी CONGRESH को..!

Posted On: 8 Jun, 2011  
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Others पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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JARA ESE V PARO OUR SOCHO….! KYA HEY HUMARA KUL?

Posted On: 27 Feb, 2011  
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SABSE BARE GHOTALEBAJ-P.M…….!!!

Posted On: 19 Dec, 2010  
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SABSE BARE GHOTALEBAJ-P.M…….!!!

Posted On: 19 Dec, 2010  
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JOIN YOUTH OF MITHILA…!

Posted On: 8 Sep, 2010  
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500 MEY BANTA HEY VOTER I CARD…TO LAL CARD KA SOCHIE..!

Posted On: 7 Sep, 2010  
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विकास भाई, हम सभी हिन्दुस्तानी भाई भाई है चाहे कोई भी धर्म के हो , आप की कोई बात हमको बुरी नहीं लगी, अगर एक भाई के मन में कुछ सवाल है तो दुसरे का फ़र्ज़ है की उसको clear करे और बताए की "भाई ऐसा नहीं है" , यही इस्लाम की शिक्षा है यही हमारे देश "भारत" की संस्कृति है ! यहाँ तो हमेशा शास्त्रार्थ की परंपरा रही है !! जागरण junction को मैं बधाई देता हु जिसने हम भारतीय मुसलमानों को अवसर दिया अपना दुसरे भाइयो तक अपनी बात पहुचने का , एक दुसरे को समझने का ,, आप के मन में कभी भी कोई सवाल हो ज़रूर लिखे ,, हम भारत वासी दूध और शकर की तरह है, कोई दुश्मन ( आतंकवादी या नेता ) कितनी भी कोशिश करे हम लोगो को अलग नहीं कर सकता,, मैंने आज तक अपने जीवन में ना कोई ऐसा मुस्लमान देखा है जिसका कोई हिन्दू दोस्त न हो, जो कही होली दिवाली मानाने न जाता हो और न ही कोई हिन्दू देखा जिसका कोई मुस्लमान दोस्त न हो जो ईद की सिवाय्या खाने ना जाता हो ,, यह सम्बन्ध आज के नहीं सैकड़ो साल से है ,, हमारी संस्कृति एक है , पूर्वज एक है , देश एक है , और हम भी एक है. जय हिंद राशिद

के द्वारा:

मैं रशीद भाई के जवाब से सहमत हूँ. कुछ और बातें मैं बता सकता हूँ. 6 . कुरान में कहीं पर भी औरत के गलत इस्तेमाल के लिए किसी तरह की कोई बात नहीं है. कृपया फिर से देख लें. 7 . अगर मैं कहूं हिन्दू को गाय का गोश्त खाना चाहिए तो यह गलत ही होगा. आप और मैं अलग अलग धर्म के हिसाब से चलते हैं. यह अपनी जगह है. 8 . मदरसे में कभी भी किसी तरह की गलत तालीम नहीं दी जाती. मेरी राय में आप चुपके से मदरसे में जाएँ और सुनें तब आपको असलियत मालूम चलेगी. एक बात तो ज़रूर जाएँ. जब आवाज़ उठायी है तो जवाब के लिए तैयार रहें. और नहीं तो कम से कम जुम्मा के दिन जाकर सुने माइक पर एलान होता है कुछ छुपा कर नहीं. तब आपको मालूम चलेगा की क्या तालीम दे जाती है. 9. कुरान में अपने तो दूर की बात है अगर दुसरे भी हैं तो मारने की इजाज़त नहीं है. हाँ अगर कोई मारने आये तो मुकाबला करें . और अगर दुश्मन हथियार डाल दे तो उसे सिर्फ छोड़े नहीं बल्कि उसे सुरक्षित जगह तक पहुंचा कर ही दम लें ऐसी हिदायत है. 10 . इस्लाम के हिसाब से कोई एक दुसरे से अलग नहीं है चाहे कोई कहीं भी हो. क्या यह गलत बात है की इंसान को इंसान समझा जाए. और रही ईमानदारी की बात तो मुसलमान का कदम यहीं से शुरू होता है, चाहे वोह कोई भी मामला हो. ईमानदारी नहीं तो वोह मुसलमान ही नहीं है. रही काफिर कहने की बात तो हर धर्म में दो तरह के लोग हैं. एक धर्म मानने वाले दुसरे नहीं मानने वाले. क्या हिन्दू धर्म में आस्तिक और नास्तिक शब्द नहीं हैं ? मैं आपको भी अपना भाई ही समझता हूँ, चाहे आप हिन्दू ही क्यूँ न हो. क्या आप ऐसा मान सकते हैं मुझे ? मैं आप से यह कहना चाहता हूँ की आप भेदभाव या घृणा को मिटायें. आपके धर्म के लोग अभी भी हरिजन और उनके जैसे छोटे कहे जाने वाले लोगों को मंदिर में घुसने नहीं देते. क्या इसी तरह मिल कर रहते हैं आप. अभी भी ऊँचे जाती के लोग छोटे जाती के हाथ से बना खाना नहीं खाते. aap pehle hinduon को तो apnaaiye. gaandhi, ambedkar in sab cheezon से ladte rahe. फिर भी अभी तक wohi बात dekhne को milti हैं. और अपने dil से dusron के लिए nafrat mita कर pyaar paida करें फिर dekhen की duniya kaisi lagti है. hamein bahut takleef है लोग एक दुसरे को achchhi तरह dekhna नहीं chaahte. और हाँ कृपया tippani karne से pehle sonchen किसी की bhaavnaon को aghaat न pahunchaayen. janna हो किसी के dharam के baare में तो seedhe seedhe punchhen bagair ilzaam lagaaye. sabhi madad karenge. और ummeed karta हूँ hamare beech का rishta और achchha bane. फिर milenge.

के द्वारा:

विकास भाई,, शायद इस्लाम के बारे में आपकी जानकारी थोड़ी कम है !! बहरहाल, मुझे जो थोड़ी बहुत जानकारी है आप से शेयर करना चाहता हूँ !! आप के सवालो के जवाब देने की कोशिश करता हूँ : १. मुसलमानों पर ४ शादी एकदम वाजिब नहीं है, दूसरी शादी भी करना उस वक़्त ही जाएज़ है जब उसकी कोई ठोस वजह हो !! आप देखे आप के आस पास कितने मुस्लमान है जो एक से ज्यादा शादी किये है !! एक सर्वे के मुताबिक ग़ैर मुस्लिम्स में बहुविवाह ज्यादा प्रचलित है !! २. किसी का नाहक खून बहाना एकदम मना है कृपया मेरा लेख \"इस्लाम में दुश्मन कौन\" देखे !! ३. नहीं,, इस्लाम के अनुसार मुस्लमान और ग़ैर मुस्लिम्स सब अल्लाह के बन्दे है सब का एक दुसरे पर हक है ! ४. आतंकवाद किसी भी सूरत में जाएज़ नहीं है,, सारे मुस्लिम धर्म गुरु इस बात पर एक है और आतंकवादियो को मुस्लमान ही नहीं माना जा सकता है !! ५. इस्लाम में कोई ज़बरदस्ती नहीं है,, आप के लिया आप का मज़हब और मेरे लिया मेरा मज़हब ( यानि उपासना पद्यति ) बाक़ी सवालो के बारे में कृपया उच्च कोटि के मुस्लिम विद्वानों की किताबे पढ़े आप पायेगे की इस्लाम वाकई में शांति का मज़हब है !! आप देखे के खाड़ी के मुस्लिम देशो में कितने ज्यादा ग़ैर मुस्लिम रहते है और वह कितनी शांति और सुख से है उनका मुस्लिम समाज से कोई संघर्ष नहीं है !! वह आराम से अपने धर्म पर रहते हुए जीवन बिता रहे है !!! उम्मीद है आप की सोंच बदलेगी राशिद http://rashid.jagranjunction.com

के द्वारा:




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